
नाचते-गाते और कीर्तन करते पहुंचे ब्रजवासी, संत-महंतों व महामंडलेश्वरों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
ब्रजनिष्ठ संत की स्मृतियों में भावविभोर हुए श्रद्धालु, संतों ने कहा- ब्रजसेवा के लिए बाबा ने समर्पित कर दिया अपना सर्वस्व
बरसाना (ब्रज ब्रेकिंग न्यूज)। ब्रज की रज, गौसेवा और श्रीराधारानी के नाम को जीवन का ध्येय बनाने वाले ब्रजनिष्ठ संत पद्मश्री रमेश बाबा महाराज के प्रति ब्रजवासियों का अगाध प्रेम शुक्रवार को बरसाना की माताजी गौशाला में उमड़ पड़ा। बाबा महाराज के नित्य निकुंज प्रवेश उत्सव के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में समूचे ब्रज से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। गांव-गांव से ब्रजवासी नाचते-गाते और श्रीराधे के संकीर्तन करते हुए पहुंचे। देश के विभिन्न प्रांतों से आए अनुयायियों के साथ संत-महंतों, महामंडलेश्वरों और मंदिरों के सेवायतों ने भी बाबा महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक चले अखंड भंडारे में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। बाबा महाराज के प्रति श्रद्धा, प्रेम और विरह का भाव पूरे आयोजन में दिखाई दिया।
बाबा के प्रेम ने खींचा ब्रजवासियों को, कीर्तन करते पहुंचे श्रद्धालु
माताजी गौशाला के विशाल प्रांगण में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। भीड़ को देखते हुए अलग-अलग खंड बनाकर प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। पूरे दिन श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। कोई श्रीराधे के जयकारे लगाता पहुंचा तो कोई कीर्तन करते हुए बाबा महाराज की स्मृतियों में भावविभोर नजर आया। ब्रजवासियों के लिए यह केवल भंडारा नहीं, बल्कि अपने प्रिय संत के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर था।
ब्रज के गांवों से आए लोगों के चेहरों पर बाबा महाराज के प्रति प्रेम और उनकी अनुपस्थिति का भाव साफ दिखाई दिया। जिस संत ने अपना जीवन ब्रजभूमि की सेवा, गौवंश के संरक्षण और श्रीराधारानी की भक्ति में समर्पित कर दिया, उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे। भंडारे में उमड़ी भीड़ ने बाबा महाराज के व्यापक प्रभाव और ब्रजवासियों से उनके आत्मीय संबंधों की झलक प्रस्तुत की।
मान मंदिर सेवा संस्थान के सचिव ब्रजदास सुनील सिंह ने कहा कि भंडारे में जिस प्रकार ब्रजवासियों की भीड़ उमड़ी, उसे देखकर लगा कि बाबा महाराज का प्रेम ही सभी को खींचकर यहां ले आया है।
संत-महंतों और महामंडलेश्वरों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
भंडारे में देश के प्रतिष्ठित संतों और धर्माचार्यों ने पहुंचकर बाबा महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें अनि दिगंबर अखाड़े के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माधवदास मोनी बाबा, गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, मलूक पीठाधीश्वर डॉ. राजेंद्र दास महाराज के पूज्य पिताजी, सत्य मित्रानंद महाराज, स्वामी कृष्णानंद महाराज और गौसेवा मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णानंद महाराज भूरी वाले सहित अनेक संत शामिल रहे। गौसेवक दल के राष्ट्रीय संयोजक गोपेश दास महाराज ने भी सहभागिता की। नंदबाबा मंदिर नंदगांव, श्रीजी मंदिर बरसाना, बांके बिहारी मंदिर, राधाबल्लभ मंदिर, राधारमण मंदिर वृंदावन, दानघाटी मंदिर गोवर्धन, दाऊजी मंदिर बलदेव और मुखारविंद मंदिर जतीपुरा के सेवायत गोस्वामी जन भी पहुंचे। रमेश बाबा महाराज के उत्तराधिकारी गौभक्त ब्रजशरण दास महाराज ने सभी संतों का स्वागत किया। उन्होंने पुष्पमालाएं पहनाकर संतों का सम्मान किया और प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण कराया।
यमुना आंदोलन में मिला था बाबा का सानिध्य : अरुण सिंह
भंडारे में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राजस्थान के पूर्व विधायक गोपी गुर्जर, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री ठाकुर तेजपाल सिंह और प्रमुख समाजसेवी जयप्रकाश त्यागी भी पहुंचे। सभी ने बाबा महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ब्रज और गौसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
अरुण सिंह ने कहा कि यमुना आंदोलन के दौरान उन्हें रमेश बाबा महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ था। उन्होंने बाबा की ब्रजनिष्ठा और ब्रज के प्रति उनके समर्पण को याद किया।
कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि ब्रज की सेवा और रक्षा के लिए रमेश बाबा महाराज ने अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने बाबा महाराज के जीवन को ब्रजसेवा और समर्पण की प्रेरणादायी मिसाल बताया।
बाबा के सभी सेवा प्रकल्प चलते रहेंगे : मान मंदिर सेवा संस्थान
मान मंदिर सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ रामजीलाल शास्त्री और कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने उपस्थित संत-महात्माओं, महामंडलेश्वरों और वैष्णवजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाबा महाराज द्वारा संचालित सभी सेवा प्रकल्प उनके संकल्पों की पूर्ति के लिए पूर्व की भांति चलते रहेंगे। बाबा महाराज ने ब्रजभूमि, गौवंश और श्रीराधारानी की सेवा के लिए जो मार्ग दिखाया, उस पर चलते हुए उनके संकल्पों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
भंडारे की व्यवस्थाओं में बरसाना के चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी, ब्रजदास और सुशील गोस्वामी की प्रमुख भूमिका रही। अक्षय भंडारे की व्यवस्था में आचार्य महेश शास्त्री, सुरेश चंद्र शास्त्री और भक्ति शरण महाराज जुटे रहे।
रमेश बाबा महाराज के नित्य निकुंज प्रवेश के बाद आयोजित इस विशाल भंडारे ने यह संदेश दिया कि संत भले ही देह से हमारे बीच न रहें, लेकिन उनके सेवा-संकल्प, भक्ति और प्रेम की परंपरा उनके अनुयायियों के हृदय में सदैव जीवित रहती है। बरसाना में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब इसी अटूट भावनात्मक जुड़ाव का साक्षी बना।




