
विवेक दत्त मथुरिया (कार्यकारी संपादक)
मथुरा(ब्रज ब्रेकिंग न्यूज़)। मुकेश धनगर के रूप में लंबे समय बाद मथुरा कांग्रेस को युवा, ऊर्जावान और संगठन को लेकर मौलिक समझ रखने वाला जिलाध्यक्ष मिला है। 2024 में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में मथुरा सीट से कांग्रेस की ओर से इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके मुकेश धनगर जिले में पहचान के मोहताज नहीं हैं।
मुकेश धनगर को मथुरा कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाये जाने पर पार्टी के एक बड़े तबके में उत्साह नजर आ रहा है और यह तबका है जमीन से जुड़े पार्टी को समर्पित कार्यकर्ताओं का। कार्यकर्ताओं का यह भी मानना हैं कि धनगर जमीन से जुड़े संघर्षशील कार्यकर्ता हैं वह पार्टी में वरिष्ठ कांग्रेसियों के साथ ग्रामीण अंचल के कार्यकर्ताओं की समस्याओं से बखूबी वाकिफ़ हैं।
जिले में तीन दशक से पार्टी में जिस तरह की गुटबाजी देखने को मिल रही थी उससे पार्टी के आस्थावान कार्यकर्ता आहत थे। ऐसे में हाशिये पर पड़े पार्टी कार्यकर्ता इस नियुक्ति को पार्टी के लिए संजीवनी के रूप में देख रहे हैं।
राजनीति के पंडितों की मानें तो मुकेश धनगर एक ऊर्जावान युवा के साथ मौलिक समझ रखने के साथ जिले में व्याप्त पार्टी की गुटबाजी से बखूबी वाकिफ हैं। धनगर के सामने संगठन को विस्तार देते हुए बूथ स्तर तक मजबूत टीम बनाने की चुनौती है। साथ ही वरिष्ठ और कनिष्ठों की क्षमताओं को पहचानते हुए संगठन में उन्हें सक्रिय करना और सभी के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी शामिल है।
मुकेश की राजनीतिक समझ और समन्वय की तस्दीक उनके द्वारा गठित जिला कार्यकारिणी से होगी। मुकेश धनगर ने एनएसयूआई छात्र संगठन से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। वह युवा कांग्रेस उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रहे हैं।
अधिकांश पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि मुकेश धनगर के जिला अध्यक्ष बनने से पार्टी के हालात बदलेंगे, वह किसी उद्योगपति या किसी बड़े नेता के जेबी कार्यकर्ता नहीं हैं। कार्यकर्ताओं का यह भी मानना है कि जिले में कांग्रेस पार्टी लंबे समय से नेता विशेष का जेबी संगठन बनी हुई थी औऱ स्लीपर सेल के रूप में पार्टी को लगातार खोखला कर रही थी। पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाये जाने को लेकर धनगर का कहना है कि मथुरा कांग्रेस का प्रत्येक निष्ठावान कार्यकर्ता व कांग्रेस समर्थक मथुरा जिला अध्यक्ष है। मैं एक कांग्रेस का कार्यकर्ता हूं, कार्यकर्ता रहूंगा। यहां अब बड़ा सवाल यह है कि मुकेश धनगर मथुरा कांग्रेस को दे पाएंगे संजीवनी? इसका जवाब तो भविष्य के गर्भ में छुपा है।