
जलेस ने हाल ही में दिवंगत हुए साहित्यकारों को दी श्रद्धांजलि
मथुरा। जनवादी लेखक संघ, मथुरा इकाई की बैठक में हाल ही में दिवंगत वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र कुमार, वीरेंद्र यादव, विनोद कुमार शुक्ल तथा ज्ञानरंजन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। बैठक के आरंभ में उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत रचनाकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजेंद्र कुमार ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समकालीन सामाजिक यथार्थ और जनजीवन के संघर्षों को ईमानदारी से अभिव्यक्त किया। वीरेंद्र यादव का साहित्य जनपक्षधर चेतना से अनुप्राणित रहा और उन्होंने आम आदमी की पीड़ा तथा आकांक्षाओं को सशक्त स्वर दिया। विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य में अपनी विशिष्ट भाषा, सहज शिल्प और गहरी मानवीय संवेदना के लिए विशेष रूप से स्मरण किए जाएंगे। ज्ञानरंजन नई कहानी आंदोलन के प्रमुख हस्ताक्षर रहे, जिन्होंने कथा साहित्य को वैचारिक गहराई और सामाजिक प्रतिबद्धता प्रदान की।
बैठक में आगामी साहित्यिक गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। निर्णय लिया गया कि 14 फरवरी को जनवादी लेखक संघ का स्थापना दिवस तथा 15 फरवरी को महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की जयंती मथुरा इकाई द्वारा साहित्यिक कार्यक्रमों के रूप में मनाई जाएगी। बैठक में टिकेन्द्र सिंह शाद, विवेक मथुरिया, कैलाश वर्मा, डॉ धर्मराज, शुभम शर्मा, डॉ अनिल कुमार दिनकर, प्रसून पांडेय, अश्विनी शर्मा, माधव चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।


