
उल्लास के साथ मनाया जायेगा महाशिवरात्रि का पर्व
महाशिवरात्रि विशेष
बरसाना (ब्रज ब्रेकिंग न्यूज़)। महाशिवरात्रि का पर्व हो और राधा की नगरी में उसके उत्सव का उल्लास न दिखे ऐसा संभव नहीं। देवादिदेव महादेव की उपस्थिति श्रीराधा और श्रीकृष्ण की लीलाओं में हर जगह दिखती है। यही वजह है ब्रज में मौजूद हर गांव में महादेव अवश्य विराजमान हैं। बरसाना में प्राचीन ब्रजेश्वर के कल्याणकारी स्वरूप में विराजते हैं जिनकी उपासना स्वयं श्रीराधा के पिता वृषभानुजी ने किया करते थे। वहीं, समाज गायन में फाग के पदों के क्रम में भोलेनाथ की उपस्थिति महाशिवरात्रि के दिन अवश्य होती है।

श्रीराधा की नगरी बरसाना में भगवान शिव की उपस्थिति द्वापरकाल से भी प्राचीन बताई जाती है। पद्म पुराण में बरसाना नगर में प्राचीन महारुद्र प्रतिमा की उपस्थिति का संकेत मिलता है।
तत्रेव भानुसरोवर:! तत्पाश्वे ब्रजेश्वराख्य महारुद्रमूर्ति:! (पद्म पुराण)
इसके अनुसार वहां भानु सरोवर है और उसके पार्श्व में ब्रजेश्वर नामक महारुद्र मूर्ति है।

ब्रजाचार्य नारायण भट्ट भी अपने ग्रन्थ ब्रज भक्ति विलास में ब्रजेश्वर महादेव की बरसाना में उपस्थिति का उल्लेख करते हैं। महाशिवरात्रि पर मंदिर में होने वाले समाज गायन के दौरान “बाघंबर ओढ़े सावरों” पद का गायन किया जाता है और रंगीली गली में होली की प्रथम चौपाई निकाली जाती है।
सभी नगरवासी महिलाएं इस दिन वर्ष भर में अपने परिवार में संपन्न हुए शुभ कार्यों जैसे पुत्रजन्म और पुत्रविवाह आदि के उपलक्ष्य में भगवान शिव के प्रति आभार जताने के लिए जेघर चढ़ाने का आयोजन करती हैं। इस दौरान महिलाएं गाजे बाजे के साथ समूह में जाकर वृषभानु कुंड पर स्थित शिव मंदिर में जेघर चढ़ाती हैं। साथ ही नगर के हर शिवालय पर फूल बंगले आदि का आयोजन किया जाता है।